संसार मांस का भूखा : ✍️ cosmic Whale आज की कविता June 19, 2026 मैं कई बार अपने शव को सीने से लगाकर रोती हूँ,कई बार नाकामयाबी का कफ़न उसे ओढ़ाती हूँ।कई बार मुझे उसे समझाना पड़ता है… Read More
पर्व का स्वाद : डॉ सरोज दुबे “विधा” आज की कविता June 19, 2026 श्यामू शहर के एक निर्माण साइट पर मजदूरी करता था।…
हाँ मैं युवा हूँ :✍️कवि लीलाधर सिन्हा आज की कविता May 29, 2026 नारी का करता मान सदा, मैं भारत का नवयुवा हूँ…
तथास्तु : ✍️बीना आज की कविता May 17, 2026 इच्छाओं का कीडा झुलस रहा है मेरे भीतर। ना ही उस का कोई स्पष्ट चेहरा…
हमर हरेली – हरेली त्योहार नहीं संस्कार है : मोकेंद्र कन्नौजे आज की कविता May 13, 2026 आवा वो दीदी आवा गा सियान,सब जुर मिल के मनाबो हरेली के तिहारसब रीत भुलागे…
गतिशील गंतव्य : ✍️बीना आज की कविता May 10, 2026 आज की कविता में प्रस्तुत है “गतिशील गंतव्य” कवयित्री : बीना, सूरत (गुजरात) फिर से…