रायपुर, 19 जुलाई। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था वक्ता मंच, रायपुर द्वारा 19 जुलाई को एक भव्य साहित्यिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवोदित रचनाकारों को मंच प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास का विकास करना तथा उनकी साहित्यिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट कविताओं एवं साहित्यिक रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “नवोदित रचनाकार सम्मान” रहा, जिसके अंतर्गत चयनित साहित्यकारों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनकी साहित्य साधना का सम्मान किया गया।

आयोजन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पं पी के तिवारी थे एवं अध्यक्षता वरिष्ठ लेखिका सीमा पांडेय ने की। राजकुमार धर द्विवेदी,शुभा शुक्ला ‘निशा ‘ एवं ज्योति शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थी। अतिथियों ने अपने संबोधन में नवोदित रचनाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और युवा रचनाकारों की सशक्त लेखनी भविष्य में समाज को नई दिशा प्रदान करेगी।कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया।

सम्मान प्राप्त करने वाले रचनाकारों ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजनों को साहित्य के विकास के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।वक्ता मंच रायपुर एक पंजीकृत संस्था है, जो वर्ष 1993 से साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है।

इस वर्ष भी संस्था ने जन एकता फाउंडेशन के सहयोग से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में नवोदित साहित्यकारों ने सहभागिता की।

सभी प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, संस्कृति, संवेदनाओं एवं समकालीन विषयों पर सार्थक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब सराहना प्राप्त की।संस्था के अध्यक्ष राजेश पराते, उपाध्यक्ष दुष्यंत साहू, संरक्षक ज्योति शुक्ला तथा संयोजक शुभम साहू ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के ये चारों पदाधिकारी साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

