“हमर माटी|हमर चिह्नारी” के इस खास अंश में आज बात की जाएगी छत्तीसगढ़ी पंचांग “बछर” की, जिसके कर्ता-धर्ता हैं साहित्यकार ईश्वर साहू जी, जो कि “बंधी” के नाम से जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति में तो आपका महत्वपूर्ण योगदान रहा है और अब आपने एक और अच्छी पहल “छत्तीसगढ़ी पंचांग” को सामने लाया है।

ये केवल एक कैलेंडर नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू को समेटें हुए घरों में न केवल सजा के रखने वाली बल्कि ज्ञान से भरी हुई सबसे खूबसूरत चीज़ है।इसकी खास बात ये है कि पूरी कैलेंडर छत्तीसगढ़ी भाषा को प्राथमिकता देती है महीनों तथा दिनों के नाम बड़ी खूबसूरती के साथ “हमर भाखा” में छापी गई है जहां एक तरफ आज की पीढ़ी हमारी संस्कृति को लेकर कुछ खास रुचि नहीं ले रही है वहीं दूसरी तरफ इस कैलेंडर में ऐसे चार सेक्शन दिए गए है जो रोज़ हमें अपनी मिट्टी से जुड़ाव महसूस कराते हैं।जब भी हम तारीख देखने के लिए इस कैलेंडर को देखेंगे हमें अपनी मिट्टी और अमूल्य संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता रहेगा।
पहली और प्रमुख बात ये कि इस कैलेंडर के प्रत्येक महीने के पन्ने में हमारे छत्तीसगढ़ के धरोहर, स्वतंत्रता सेनानियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों तथा वे तमाम हस्तियां जिन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए अपना समस्त जीवन समर्पित किया है उनके द्वारा कहे गए वाक्यों से इस कैलेंडर की शुरुवात होती है।
दूसरी बात ये कि कैलेंडर के एक तरफ “दिवस अउ जयंती” एक साथ दे दिया गया है जिसमें भारत के साथ – साथ छत्तीसगढ़ के प्रमुख दिवस व जयंती सम्मिलित हैं।
इस कैलेंडर की तीसरी प्रमुख बात यह है कि त्यौहार और सरकारी छुट्टियों वाले दिनांक के लिए एक ब्लॉक उपलब्ध है जिसका नाम “तिहार बार अउ सरकारी छुट्टी” है यह राजकीय त्यौहार और राष्ट्रीय त्यौहार जिसमें सरकारी छुट्टी है एक साथ दिया गया है।
चौथी खास बात इस कैलेंडर की ये है कि प्रत्येक महीने के शुभ योग और मुहूर्त का अलग से सेक्शन बना हुआ है जिसका नाम “ए महिना के शुभ योग अउ मुहूरत” है। इसके साथ ही कैलेंडर में छत्तीसगढ़ को केंद्र बिंदु मानते हुए छत्तीसगढ़ के सभी महान हस्तियों के नाम और उनकी तस्वीर को भी हर पेज में सम्मिलित किया गया है।
साहित्य36गढ़ की तरफ से मैं सभी अभ्यर्थियों से कहना चाहूंगा कि जो भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की तैयारी में हैं या छत्तीसगढ़ से संबंधित किसी भी कॉम्पिटीशन परीक्षा में शामिल होने वाले हैं उनको इसका फायदा अवश्य होने वाला है। श्री ईश्वर साहू जी ने इस कैलेंडर का PDF तो पूरी तरफ फ्री में उपलब्ध करा दिया है, जिसके लिए साहित्य36गढ़ आपको धन्यवाद देता है।
नोट : इस कैलेंडर का PDF डाउनलोड करें ➡️ छत्तीसगढ़ी पंचांग बछर PDF
